ये है दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद, 40 हजार लोग एक साथ पढ़ते हैं नमाज....

नई दिल्ली :आज से मुस्लिम धर्म का सबसे पवित्र रमजान का महीना शुरु हो रहा है. इस दिन से मुस्लिम धर्म के अनुयायी रोजा रखेंगे और अल्लाह की इबादत करेंगे. रमजान के मौके पर आज हम आपको दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद के बारे में बताने जा रहे हैं. जो अबू धाबी में बनी हुई है.

इस मस्जिद का नाम शेख जायद ग्रैंड मस्जिद है. जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद है. दुनियाभर से मुसलमान इस मस्जिद को देखने पहुंचते हैं और यहां नमाज अदा करते हैं. इस मस्जिद को सफेद रंग की संगमरमर से बनाया गया है. जो शानदार कारीगरी का बेजोड़ नमूना है. इस मस्जिद को दुनिया की सबसे खूबसूरत मस्जिद भी माना जाता है.

बता दें कि सउदी अरब की मक्का और मदीना मस्जिदों के बाद शेख जायद ग्रैंड दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद होने का दर्जा रखती है. इस मस्जिद में 40 हजार लोग एकसाथ नमाज अदा कर सकते हैं. इस मस्जिद को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया है. शेख जायद ग्रैंड मस्जिद के सबसे बड़े हाॅल में एक साथ 7000 लोग नमाज अदा कर सकते हैं.

कल से मुस्लिम धर्म का सबसे पवित्र रमजान का महीना शुरु हो रहा है. इस दिन से मुस्लिम धर्म के अनुयायी रोजा रखेंगे और अल्लाह की इबादत करेंगे. रमजान के मौके पर आज हम आपको दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद के बारे में बताने जा रहे हैं. जो अबू धाबी में बनी हुई है.

इस मस्जिद का नाम शेख जायद ग्रैंड मस्जिद है. जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद है. दुनियाभर से मुसलमान इस मस्जिद को देखने पहुंचते हैं और यहां नमाज अदा करते हैं. इस मस्जिद को सफेद रंग की संगमरमर से बनाया गया है. जो शानदार कारीगरी का बेजोड़ नमूना है. इस मस्जिद को दुनिया की सबसे खूबसूरत मस्जिद भी माना जाता है.

बता दें कि सउदी अरब की मक्का और मदीना मस्जिदों के बाद शेख जायद ग्रैंड दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद होने का दर्जा रखती है. इस मस्जिद में 40 हजार लोग एकसाथ नमाज अदा कर सकते हैं. इस मस्जिद को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया है. शेख जायद ग्रैंड मस्जिद के सबसे बड़े हाॅल में एक साथ 7000 लोग नमाज अदा कर सकते हैं.

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इस मस्जिद का निर्माण संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व शासक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान ने कराया है. इसका निर्माण कार्य साल 1996 में शुरू हुआ था. ये मस्जिद 12 एकड़ में बनी हुई है. इसे बनाने का मकसद दुनिया भर में फैली इस्लामिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों तथा कलाकारों को एक स्थान पर लाना था.

इस मस्जिद को बनाने में 12 साल का समय लगा. जिसमें राजस्थान के मकराना के मार्बल का प्रयोग किया गया है. इसमें संगमरमर के अलावा कोटा का मकराना, सोना, कीमती पत्थर, क्रिस्टल और चीनी मिट्टी की चीजों का इस्तेमाल किया गया है. इस मस्जिद को बनाने के लिए भारत, मलेशिया, न्यूजीलैंड, ग्रीस, ब्रिटेन, मोरक्को, तुर्की, चीन और ईरान से कारीगर बुलाए गए थे. शेख जायद ग्रैंड मस्जिद के मुख्य गुंबद की ऊंचाई 75 मीटर और लंबाई 32.2 मीटर है.

इस मस्जिद का निर्माण संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व शासक शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान ने कराया है. इसका निर्माण कार्य साल 1996 में शुरू हुआ था. ये मस्जिद 12 एकड़ में बनी हुई है. इसे बनाने का मकसद दुनिया भर में फैली इस्लामिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों तथा कलाकारों को एक स्थान पर लाना था.

इस मस्जिद को बनाने में 12 साल का समय लगा. जिसमें राजस्थान के मकराना के मार्बल का प्रयोग किया गया है. इसमें संगमरमर के अलावा कोटा का मकराना, सोना, कीमती पत्थर, क्रिस्टल और चीनी मिट्टी की चीजों का इस्तेमाल किया गया है. इस मस्जिद को बनाने के लिए भारत, मलेशिया, न्यूजीलैंड, ग्रीस, ब्रिटेन, मोरक्को, तुर्की, चीन और ईरान से कारीगर बुलाए गए थे. शेख जायद ग्रैंड मस्जिद के मुख्य गुंबद की ऊंचाई 75 मीटर और लंबाई 32.2 मीटर है.