कोरोना वायरस से निपटने के लिए पाकिस्तान के साथ आया चीन

नई दिल्ली: कोरोना वायरस पाकिस्तान में भी तेजी से फैल रहा है। उसके लिए अपने मरीजों का इलाज करना भारी पड़ रहा है। ऐसे में चीन उसकी मदद के लिए आगे आया है। बता दें कि चीन कोरोना वायरस के रोगियों के इलाज के लिए पाकिस्तान में अस्थायी अस्पताल का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही मेडिकल टीम और भारी मात्रा में जरूरी मेडिकल सामान भी भेजा है। इस बात का खुलासा चीन ने खुद ही सोमवार को किया।
पाकिस्तान में कोरोनो वायरस के मामलों की संख्या अब तक 1,664 तक पहुंच गई है। इससे मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि देश में खतरनाक कोरोना वायरस का स्थानीय स्तर पर प्रसार हो रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि पाकिस्तान में भी यह महामारी फैल रही है। हमें पता है कि वहां पर किस तरह का अनुभव हो रहा होगा। उन्होंने आगे कहा कि चीन सरकार ने पाकिस्तान को टेस्टिंग किट्स, मास्क, प्रोटेक्टिव सूट और वेंटिलेटर जैसे कई चीजें दान की हैं। अब हम पाकिस्तान को एडहॉक में अस्थायी तौर पर अस्पताल बनाने में भी मदद करेंगे। पिछले हफ्ते काम शुरू भी हो चुका है।
चीन ने फरवरी की शुरुआत में वुहान में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ने पर 2,300 बेड की क्षमता वाले 2 अस्थायी अस्पतालों का निर्माण किया था। प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को कोरोना वायरस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। एक मेडिकल एक्सपर्ट टीम इस्लामाबाद में मौजूद है।
पिछले हफ्ते शनिवार को चीन से एक विशेष विमान के जरिए 8 मेडिकल एक्सपर्ट्स की एक टीम को पाकिस्तान पहुंचाया गया और राहत सहायता भी पहुंचाई गई। एयरलिफ्टिंग आपूर्ति के अलावा, चीन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके में भी लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस मामले से लड़ने के लिए पाकिस्तान को चिकित्सा आपूर्ति भी भेजी है।
जानकारी के अनुसार, पांच वेंटिलेटर, 2,000 सुरक्षा किट, 20,000 मेडिकल मास्क और 24,000 न्यूक्लिक एसिड परीक्षण किटों से भरा एक ट्रक गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में खुनजराब दर्रा के पास से भेजा गया था।  चीनी प्रवक्ता ने बताया कि चीन में कई शहरों और प्रांतों ने भी पाकिस्तान को महामारी से लड़ने के लिए अपनी मदद की है। वे रेड क्रॉस सोसाइटी से भी जुड़े हुए हैं और कई अन्य माध्यमों से मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरी हुआ तो हम पाकिस्तान को अपनी सर्वश्रेष्ठ सहायता प्रदान करना जारी रखेंगे।