यूपी में 76 करोड़ का योगदान: कोरोना की जंग में हर विभाग ऐसे कर रहा है मदद

लखनऊ। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चन्द्र द्विवेदी ने प्रदेश भर के बेसिक स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों की तरफ से मुख्यमंत्रीम राहत कोष में दिया बड़ा सहयोग वो भी पूरे 76 करोड़ 14 लाख 55 हजार का योगदान। प्रदेश भर के बेसिक शिक्षा महकमे ने उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को अपने विभाग के मंत्री के हाथो जनता के भलाई के कार्यो मे इस कोरोना संकट से मदद के लिये दिया है। इस धनराशि में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सभी शामिल हैं सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के शिक्षकों, शिक्षिकाओं व शिक्षा अधिकारियों का आभार जताया है।
वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपनी विधायक निधि से लखनऊ, आगरा तथा रायबरेली के लिए धनराशि जारी करने की संस्तुति दी है। उन्होंने अपने एक माह का वेतन भत्तों सहित कोरोना पीडितों के उपचार व संक्रमण से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की भी घोषणा की है।
डॉ शर्मा ने लखनऊ सहित अपने प्रभार वाले दो जिलों (आगरा व रायबरेली) के लिए धनराशि निर्गत करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ को पत्र भेज दिया है। डिप्टी सीएम ने राजधानी लखनऊ के लिए 1 करोड रूपए तथा रायबरेली के लिए 25 लाख व आगरा के लिए 25 लाख रूपए की दिए है। इस धनराशि का प्रयोग कोरोना वायरस के आम लोगों के बचाव के लिए आवश्यक उपकरण अथवा अन्य सामान खरीदने के लिए किया जाएगा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक मदद के आह्वान पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में 2,47,करोड रुपए का योगदान दिया गया है। इसमें यूपीएसआरटीसी के सभी नियमित कर्मचारियों के एक दिन का वेतन शामिल है।
प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह और प्रबंध निदेशक, उ0प्र0 परिवहन निगम डाॅ राजशेखर द्वारा आज मुख्यमंत्री आवास पर मा0 मुख्यमंत्री जी को चेक सौंपा गया। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक हित में स्वेच्छा से एक दिन के वेतन योगदान के लिए सभी नियमित अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी संघों का आभार व्यक्त किया है।
डाॅ0 राजशेखर ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को भरोसा है कि हम सभी एकजुट होकर लड़ेंगे और कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीतेंगे। साथ ही विश्वास भी जताया गया कि भविष्य में भी परिवहन निगम द्वारा इसी प्रकार किसी भी राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में हरसंभव योगदान दिया जाता रहेगा।