कोरोना संकट: कंट्रोल रूम में आ रहीं ऐसी शिकायतें, परेशान हो रहे अफसर

कन्नौज: कोरोना वायरस से बचने और लॉकडाउन में लोगों की मदद के लिए बनाए गए जिले के कंट्रोल रूम में इन दिनों कई ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिनसे अधिकारी भी हैरान हैं। कोई गलत जानकारी दे रहा है तो कुछ लोग आपसी लड़ाई को लेकर ऐसे ही फोन कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में देखने को मिला।
यूपी के कन्नौज में विकास भवन में चल रहे कोविड-19 कंट्रोल रूम में तहसील कन्नौज क्षेत्र के सढ़ियापुर बांगर से विकास भवन में एक कॉल आती है कि गांव के एक घर में कई लोग बाहर से आए हुए हैं। उनकी कोरोना वायरस की जांच कराई जाए। शासन की भी मंशा है कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की डिटेल रखी जाए और 14 दिन क्वॉरन्टीन किया जाए। प्रारंभिक जांच भी होनी चाहिए।
कंट्रोल रूम में जानकारी देने की बात किसी तरह दूसरे पक्ष को पता लग गई। इससे नाराज होकर कंट्रोल रूम की फिर से घंटी बजी। यह कॉल दूसरे पक्ष ने की और कहा कि उससे पहले वाला फलाना व्यक्ति जिसने फोन किया था वो कोरोना पॉजिटिव है, उसकी भी जांच कराई जाए। कंट्रोल रूम में ड्यूटी कर रहे अधिकारियों ने यह मामला गंभीरता से लिया और गांव में पुलिस भेजी गई, लेकिन तब तक दोनों पक्ष मौके से फरार हो गए। उन्होंने अपने-अपने मोबाइल भी बंद कर लिए।
जिले में 12 अप्रैल तक लगातार चलने वाले राशन वितरण के दौरान पूर्ति विभाग की शिकायतें खूब आ रही हैं। ठठिया क्षेत्र के निवासी आशुतोष ने दर्ज कराई शिकायत में कहा है कि उसके पास मनरेगा का जॉबकार्ड है, लेकिन कोटेदार ने रुपये लेकर राशन दिया। डबहा निवासी वीरू वर्मा ने कहा कि राशनकार्ड व जॉबकार्ड है, लेकिन कोटेदार राशन नहीं दे रहे हैं। वारामऊ निवासी शक्ति सिंह ने कहा कि वह गेहूं व चावल लेने के लिए कोटे पर गए तो ई-पॉस में अंगूठा लगाया, लेकिन यूनिट नहीं शो किए, जिसकी वजह से लाभ नहीं मिला। गदनपुर क्षेत्र के रहने वाले स्वामीशरण ने बताया कि कोटेदार हर कार्ड पर दो किलो राशन कम दे रहा है।