शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन न करें ये ग़लतियां

नई दिल्ली : शादी के समय घर का माहौल काफी रौनक भरा होता है घर रिश्तेदारों से भरा रहता है उन सभी लोगों के बीच जिस लड़के या लड़की शादी हो रही होती है उसका सभी लोग खास तरह का ख्याल भी रखते है। घर का प्रत्येक सदस्य शादी की खास तैयारियों में लगा हुआ होता है। लेकिन इन खास तैयारियों के समय जब दुल्हा-दुल्हन अपनी तैयारी के समय थोड़ी से चूक कर जाये, तो पूरा माहौल खराब हो जाता है। क्योकि सही समय पर सही चीजें ना मिलने के कारण वर वधु का मूड़ तो खराब होता ही है साथ ही मे पूरे घर वाले भी परेशान हो जाते है। आज हम आपको अपने आर्टिकल के द्वारा इसी बात से अवगत कराने जा रहे है। कि शादी के दिन दुल्हा-दुल्हन ऐसी कुछ ग़लतियों से बचे, जिससे उनका आने वाला ख़ूबसूरत पल सभी के लिए ख़ास बन जाए।

शादी के समय अक्सर देखा जाये, तो दुल्हा-दुल्हन अपनी कुछ तैयारी लास्ट मोमेंट (यानी शादीवाले दिन )के लिये छोड़ देते है। और इसी लास्ट समय में जल्द बाजी के कारण कुछ चीजें छूट जाती है। इसलिये आप अपनी पैकिंग शादी के 2-3 दिन पहले ही करके रख लें। शादी वाले दिन के लिए ये तैयारियां कभी भी न रखें, क्योंकि उस दिन व़क्त कैसे निकल जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा। घर के सारें अरेंजमेंट म्यूज़िक, डेकोरेशन सही समय पर सही तरीके से ना होने पर भी काफी गुस्सा लड़के के चेहरे पर झलकने लगता है। जिससे यही गुस्सा पूरे घर के लोगों के लिये भी घातक बन जाता है। और घर का माहौल कुछ समय के लिये परेशानी का कारण भी बन सकता है इसलिये बातों को तिल का ताड़ न बनाएं। ग़ुस्सा करके अपना व घरवालों का मूड ख़राब न करें। खुशी के इस मौ़के को ख़ुशगवार बनाए रखने की कोशिश करें।

शादी के समय हर क़रीबी रिश्तेदार लड़के-लड़की के ससुरालवालों के बारे में जानने-समझने को आतुर रहते हैं, ऐसे में आपको ध्यान रखना चाहिए कि उन लोगों के सामने अपने ससुरालवालों की बुराई ना करें। आपको सकारात्मक ही बोलना है, क्या पता उन्हीं रिश्तेदारों में कोई ऐसा हो, जिसका कनेक्शन ससुराल पक्ष से भी जुड़ा हो। जो बाद में झगड़े का कारण बन जाये। शादी के दिन लड़का हो, या फिर लड़की दोनों को अपनी शादी की तैयारी के साथ घर के काम भी काफी करने होते है। घरवालों के छोटे-मोटे कई कामों के साथ रीति-रिवाज़ों से जुड़ी तैयारी, नाते-रिश्तेदारों से मिलना-जुलना, इसके बाद खुद की तैयारी का टेंशन जिससे काफी शारीरिक थकान महसूस होने लगती है। दुल्हा हो या दुल्हन इन समय में मेंटली और फिज़िकली रिलैक्स रहना बहुत ज़रूरी है, घर के कामों को चक्कर में न पड़कर काम की ज़िम्मेदारियां घर के सदस्य लोग पहले से ही बांट लें।

जिससे किसी भी तरह का फिज़िकल या मेंटल स्ट्रेस आपके ब्राइडल लुक को खराब ना करें। शादी की गहमागहमी में लड़के लड़की को इस बात का ख्याल रखना चाहिये कि घर के सभी सदस्यों के प्रति हंसमुख सा चेहरा बनाकर सभी का सम्मान करें। क्योकि सभी लोग आपकी शादी को यादगार बनाने के लिये ही उपस्थित होते है।इसलिये इस बात का ख़्याल रखें। उन्हें कुछ ऐसा न कह दें, जिससे उन्हें बुरा लगे। शादी की रस्मों के दौरान अगर दूल्हे राजा के मनमुताबिक काम ना होने के कारण वह नराज हो जाये तो उस दौरान दुल्हन को चाहिये कि उनसे बहस करने न बैठ जाएं। ध्यान रखें कि शादी की रस्मों में आपके साथ-साथ उनके रिश्तेदार भी मौजूद हैं, अपने बेटे के साथ होनेवाली बहू का ऐसा व्यवहार उनपर आपका ग़लत इंप्रेशन डाल सकता है शादी के दौरान ससुराल में जाने के बाद वहां के रिश्तेदार साड़ी या लहंगे को लेकर, किसी ने वेन्यू के लिए फिर किसी ने मेन्यू के बारे में कुछ कंपैरिज़न करके ताना मारने लगे, तो ऐसी बातों को अवॉइड करने की कोशिश करें। क्योकि शादियों में अक्सर हर रिश्तेदार ऐसा करते ही हैं।

इन बातों से न तो ख़ुद परेशान हों, और न ही ये बातें पैरेंट्स को बताकर उन्हें परेशान करें। शादी की भागदौड़, के कारण लास्ट मोमेंट की तैयारियों के बीच अक्सर लड़कियां अपने शरीर पर ध्यान नही दे पाती है। सही समय पर भरपूर पौषण ना मिल पाने से चेहरा मुरझाने लगता है। और शरीर कमजोर भी होने लगता है। आप ऐसा न करें। खाना सही समय पर खाएं इसके साथ ही जूस और पानी का सेवन भरपीर मात्रा में करें। ताकि आप हाइड्रेटेड रहें और आपका चेहरा खिला-खिला दिखे। शादी की रस्मों के दौरान सहेलियों के साथ हंसी-मज़ाक करना अच्छा है, पर ससुराल वालों की ख़िंचाई करना ठीक नहीं। ससुराल के लोग अब आपका परिवार हैं, इसलिए जो भी करें, मर्यादा में रहकर करें। जिससे उन पर आपका अच्छा प्रभाव पड़े।

शादी के दिन कई कई तरह रस्में और विधि-विधान होते हैं और उस दौरान दुल्हन को पूरे समय ज्वैलरी और साड़ी में रहन होता है। इसलिये आप लहंगा और ज्वेलरी का चुनाव ऐसा करें जो ज्यादा हैवी और चुभनेवाला ना हो।कुछलड़कियां अपने आपको ज्यादा सुंदर दिखने के लिये इतने हैवी लहंगे पहन लेती हैं कि उठने-बैठन के लिए भी मदद की ज़रूरत पड़ती है. शादी का मतलब हैवी लहंगा या ज्वेलरी पहनना नहीं है। यह आपके लिए काफ़ी स्पेशल दिन है, तो आपका कंफर्टेबल रहना बहुत ज़रूरी है, इसलिए ऐसे कपड़े और ज्वेलरी का चुनाव करें,जिसे आप आसानी से कैरी कर सकें।