पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने ली राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ, विरोध में विपक्ष ने किया वॉकआउट

दिल्ली: भारत के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली है। उनके शपथ लेने पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया है। बता दें सोमवार को पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के लिए नामांकित किया था। गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर उनके पूर्व सहकर्मी और रिटायर्ड जज जस्टिस मदन बी लोकुर और जोसफ कुरियन सहित विपक्षी पार्टी के कई नेताओं ने सवाल उठाए थे। गोगोई के शपथ लेने के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, राज्यसभा में पूर्व सीजेआई सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक महान परंपरा रही है। गोगोई जिन्होंने आज शपथ ली है वह निश्चित रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष का इस तरह से शपथ समारोह के दौरान वॉकआउट करना अनुचित है।

बता दें समाजसेवी मधु किश्वर ने भी रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसे लेकर उन्होंने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने रंजन गोगोई के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अपनी याचिका में किश्वर ने रिटायरमेंट के बाद जजों के किसी पद को स्वीकार करने और कूलिंग ऑफ पीरियड तय करने को लेकर गाइडलाइन तैयार करने की मांग की। गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर उनके पूर्व सहकर्मी और रिटायर्ड जज जस्टिस मदन बी लोकुर ने सख्त टिप्पणी की है। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार रिटायर जज लोकुर ने कहा, 'जो सम्मान जस्टिस गोगोई को अब मिला है उसके कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे। ऐसे में उनका नामित किया जाना चौंकाने वाला नहीं है, लेकिन यह जरूर अचरज भरा है कि ये बहुत जल्दी हो गया। यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और अखंडता को फिर से परिभाषित करता है।