पुणे: मेयर का आरोप, हर महीने कोरोना वायरस से होने वाली 400-500 संदिग्ध मौतों का कोई हिसाब नहीं

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, इस दौरान रिकवरी रेट बढ़ी है लेकिन फिर भी मरने वाले मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। मालूम हो कि महाराष्ट्र देश में कोरोना से प्रभावित सबसे बड़ा राज्य है, यहां 3 लाख से अधिक संक्रमितों की पुष्टि हो चुकी है और 14 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इस बीच पुणे के मेयर ने मुरलीधर मोहोल ने आरोप लगाया है कि शहर में संदिग्ध रूप से कोरोना के चलते हुए 400 से 500 मौतों का कोई हिसाब-किताब नहीं है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आती नहीं दिखाई दे रही है इसी बीच महापौर ने मुरलीधर मोहोल के आरोपों के बाद से हड़कंप मच गया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ गुरुवार को हुई बैठक में भी वह कोरोना संदिग्धों का मुद्दा उठा चुके हैं।

महापौर ने शुक्रवार को कहा कि शहर के नीजि अस्पतालों और ससून जनरल अस्पताल में हर महीने होने वाली संदिग्ध 400 से 500 मौतों के काई हिसाब नहीं है। मोहोल ने आरोप लगाया है कि ससून जनरल अस्पताल में प्रतिदिन कम से कम 12 संदिग्ध मरीजों की मौत हो रही है। मोहोल ने दावा किया है कि इन मौतों को कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि ये मरीज या तो अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ देते हैं या फिर इन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया जाता है। मुरलीधर मोहोल के मुताबिक गाइडलाइंस के चलते डॉक्टर मृतकों की जांच नहीं करते लेकिन जब उनके शव का एक्स-रे करते हैं तो उनमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाते हैं। बता दें कि महापौर ने सीएम उद्धव ठाकरे से ऐसी मौतों पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।