शौच के लिए बाहर जाती थी बहू-बेटियां, किसान ने सामुदायिक शौचालय के लिए दान कर दी अपनी जमीन

बलरामपुर: आपने मंदिर मस्जिद के लिए लोगों को अपनी जमीने देते सुना होगा, लेकिन बलरामपुर जिले में एक किसान ने सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए अपनी 1 बिसुआ जमीन को जिला प्रशासन को दान दे दी। न सिर्फ जमीन बल्कि शौचालय तक पहुंचने के लिए 10 फिट लम्बा व 6 फिट चौड़ा रास्ता भी दिया है। इस फैसले में दानकर्ता का परिवार भी पूरी तरीके से उनके साथ है।जिले के हर्रैया सतघरवा ब्लाक के बनघुसरी गांव के रहने वाले मेवालाल ने जमीन के एक टुकड़े के लिए लड़ने झगड़ने वालों सहित समाज को आइना दिखाते हुए अपनी करीब 1 बिसुआ (तकरीबन 450 फुट) जमीन समुदायिक शौचालय के लिए दान कर दी है। मेवालाल ने सामुदायिक शौचालय तक पहुंचने के लिए 10 फिट लंबा व 6 फिट चौड़ा रास्ता भी जिला प्रशासन को दान कर दिया है।

दान की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अब लेखपाल सहित जिला प्रशासन के अधिकारी जुटे हुए हैं। मेवालाल बताते हैं कि ये सामुदायिक शौचालय खलिहान में बन रहा था। लेकिन किसी कारण उसका निर्माण रोक दिया गया था और गांव की महिलाओं और बच्चो को बाहर शौच के लिए जाना पड़ता था जिससे उनको दिक्कत होती थी। यही देखकर मैंने सोचा कि मैं ही अपनी जमीन दान कर शौचालय का निर्माण करा दूं। जिससे लोगों की समस्या दूर हो सके। उन्होंने बताया कि वक स्वच्छता के प्रति जागरूक है और उनके घर पर 3 सालों से शौचालय बना हुआ है और उनका परिवार उसका इस्तेमाल कर रहा है।

अब वह चाहते हैं कि उनके गांव के लोग भी बाहर शौच के लिए न जाये।पूरे मामले पर बलरामपुर के डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन बनाने के लिए हमने एक अभियान चला रखा है। जिसके तहत जिन ग्राम सभाओं में जमीन नहीं हैं लोगो को प्रेरित किया जा रहा है कि वो आगे बढ़कर वहां अपनी जमीन दान कर सकते हैं। ऐसे में हर्रैया क्षेत्र के बनघुसरी गांव निवासी मेवालाल ने समुदायिक शौचालय के लिए 450 फिट जमीन दान की है उन्होंने 70 फीट जमीन रास्ते के लिए भी दी है। इस तरह अगर जिम्मेदार लोग बाहर निकल कर जहां ग्राम सभा की जमीन नही है वहां अपनी जमीन दान करते हैं तो लोगो को आसानी होगी।