'मिशन शक्ति' कार्यक्रम का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ, कहा- दुष्कर्मियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

बलरामपुर: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के मौके 'मिशन शक्ति' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर बोलते हुए सीएम योगी वादा किया कि बिटिया के दुष्कर्मियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर शीघ्र ही कठोर सजा दिलाई जाएगी। अपराधियों के खिलाफ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।बलरामपुर की पुलिस लाइन में मिशन शक्ति अभियान का शुभारंभ करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अभियान बलरामपुर में बर्बरता की शिकार हुई बिटिया को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस मौके पर उन्होंने एलान किया कि अब पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत भर्ती बेटियों की होगी। मिशन शक्ति अभियान से 24 सरकारी विभाग तथा अन्तर्राष्ट्रीय और स्थानीय सामाजिक संगठन जुड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि दुष्कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा उनकी तस्वीरें चौराहों पर लगेंगी।इसके पहले मुख्यमंत्री योगी ने जिले के देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर में रात्रि विश्राम के बाद सुबह मां पाटेश्वरी का दर्शन किया। मिशन शक्ति अभियान 25 अक्तूबर तक चलेगा। इसके बाद अप्रैल तक हर महीने यह अभियान एक-एक सप्ताह के लिए चलाया जाएगा। जिसके लिए लिए तिथिवार थीम निर्धारित की गई है। अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार एस. राधा चौहान ने शुक्रवार को विशेष अभियान 'मिशन शक्ति' के सफल क्रियान्वयन के संबंध में सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों, महिला कल्याण एवं जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए है।उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं, बालिकाओं व बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के संदर्भ में एक व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत प्रत्येक माह में एक सप्ताह तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मिशन के तहत प्रदेश की 24 करोड़ जनता तक पहुंचकर उन्हें महिलाओं तथा बच्चों से संबंधित मुद्दों पर जागरूक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। 'मिशन शक्ति' के तहत नियमित अंतराल पर विभिन्न चरणों में 'थीम वार' साप्ताहिक कार्यक्रम चलाए जायेंगे। उन्होंने बताया कि 17 से 25 अक्तूबर के बीच प्रस्तावित कार्ययोजना के आधार पर प्रत्येक दिन अलग-अलग विभागों को 'लीड विभाग' नामित किया गया है। लीड विभाग को मिशन के अंतर्गत निर्धारित दिन पर अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों को पूरे प्रदेश में 'ग्रैंड-इवेन्ट' के रूप में आयोजित करना होगा।