बलिया कांड में खुलासा: एक ने दौड़ाया-दूसरे ने भगाया, सामने आया पूरा घटनाक्रम

लखनऊ: जिस बलिया कांड को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। उसे लेकर धीरे-धीरे नई जानकारियां सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जब गोली कांड हुआ तो भाजपा कार्यकर्ता धीरेन्द्र सिंह को लोगों ने दौड़ा भी लिया लेकिन दूसरे पक्ष ने उसे भीड का लाभ उठाकर वहां से भगा दिया।उल्लेखनीय है कि रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव के कोटे की दुकान के चयन के लिए खुली बैठक में एसडीएम, सीओ, एसओ व अन्य पुलिसकर्मियों के सामने भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। पंचायत भवन के बाहर टेंट लगाकर हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन के लिए दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे खुली बैठक की जा रही थी।

चार महिला समूहों ने आवेदन किया था। बलिया जिले के दुर्जनपुर गांव में हुए हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस ने धीरेन्द्र सिंह को घेर लिया था। लेकिन उनके सहयोगियों ने उसे वहां से भगा दिया।गांव वालों का आरोप है कि धीरेंद्र को बचाने के लिए ही पुलिस ने उसके चारों तरफ घेरा बनाया था और मौका देखते ही उसे भगा दिया गया। इस भीड़-भाड़ के बीच खूब गुम्मे पत्थर और ईंट भी चले। इसमें कई गांव वाले घायल भी हो गए। जिनमें कई को अस्पताल भी पहुंचाया गया। मामले में धीरेंद्र समेत आठ नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसडीएम, सीओ के अलावा मौके पर मौजूद 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।बलिया के दुर्जनपुर इलाके में सरकारी कोटे की दुकानों के आवंटन की कार्यवाही चल रही थी। तभी आवंटन के दावेदार दो पक्षों में विवाद हो गया।

विवाद बढ़ते-बढ़ते दोनों पक्षों में गाली गलौज, मारपीट और ईंट पत्थर चलने लगे। इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है और अभी बस एक- धीरेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र सिंह को गिफ्तार किया गया है।