विधानसभा उपचुनाव: वैकल्पिक पहचान पत्र भी दिखाकर डाल सकेगें अपना वोट

लखनऊ: प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावा के लिए मतदाता को वोट डालने के लिए अपना मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा वरना ऐसे मतदाता वोट नहीं डाल सकेंगें। हालांकि निर्वाचन विभाग ने वैकल्पिक पहचान पत्र के तौर पर कुछ अन्य विकल्प भी बताए हैं। यह जानकारी देते हुए शुक्ला ने बताया कि ऐसे मतदाता जो अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान के लिए वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि अधार कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, बैक एवं डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अन्तर्गत आरजीआई द्वारा जारी किये गये स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राज्य एवं केन्द्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लि कम्परियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गये फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र एवं सांसदों, विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये सरकारी पहचान पत्र मान्य होगा।

शुक्ला ने बताया कि एपिक के संबंध में, लेखन एवं वर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए, बशर्ते निर्वाचक की पहचान ईपीआईसी से सुनिश्चित की जा सके। उन्होने बताया कि यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना सम्भव न हो, तब निर्वाचक को उपरोक्त वैकल्पिक फोटो दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि किसी भी बात के होते हुए भी प्रवासी निर्वाचक, जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केन्द्र में केवल उनके मूल पासपोर्ट (कोई अन्य पहचान दस्तावेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जायेगा।