यूपी: पाकिस्तानी हैंडलर से सबंध होने के आरोप में एटीएस ने किया सौरभ शुक्ता को गिरफ्तार

प्रयागराज: एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सौरभ शुक्ला को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। सौरभ शुक्ला पर आरोप है कि वो पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और आपराधिक घटनाओं के लिए लोगों को गुमराह करने के साथ ही पैसों का लेन देन करता था। सौरभ के पास से एटीएस ने पैनकार्ड, दो एटीएम कार्ड, बिना नंबर की पल्‍सर बाइक, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं।  जानकारी के मुताबिक, सौरभ शुक्ला (24) मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अगहर गांव का रहने वाला है। बता दें कि सौरभ पर पाकिस्‍तानी हैंडलर के संपर्क में रहने का आरोप है।

पुलिस को उसके बारे में पता चल चुका था, लेकिन अपना ठिकाना बदलने के लिये मशहूर सौरभ लगातार पुलिस को चकमा देकर अपना काम कर रहा था। पुलिस ने इस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया और इसकी तलाश में यूपी एटीएस को लगा दिया गया। एटीएस को जब सौरभ के प्रयागराज शहर में होने की जानकारी मिली तो यहां पर टीम ने घेराबंदी शुरू की। सौरभ की लोकेशन अल्फ्रेड पार्क के पास मिलने के बाद एटीएस की तीन टुकड़ियों ने अलग अलग रास्तों से घेराबंदी की और सौरभ को पार्क के सामने से गिरफ्तार कर लिया।  एटीएस के अनुसार, सौरभ पाकिस्‍तानी हैंडलरों से फोन और इंटरनेट द्वारा जुड़ा हुआ था।

याद दिला दें कि 24 मार्च को यूपी एटीएस ने ऐसी ही एक कार्रवाई में गोरखपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़, रीवा और महाराष्‍ट्र से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था और गिरफ्तार किये गये सभी लोग भारत में पाकिस्‍तानी हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे थे। यह अपने आकाओं से जब निर्देश मिलता तो आपराधिक षड्यंत्र और कोडिंग करते। इन्हें यहां पर पैसों के काम काज का जिम्मा सौंपा गया था। यह लोग अलग अलग बैंक खाता दूसरों के नाम पर खुलवाते, इसके लिये लोगों को गुमराह करते और फिर उनका एकाउंट नंबर व एटीएम हासिल कर पाकिस्तान व अन्य जगह से पैसा मंगाते थे। पैसा आपराधिक घटनाक्रमों को अंजाम देने में ही होता था और सौरभ भी इसी नेटवर्क का हिस्सा जो पूर्वांचल के इलाके में सक्रिय था। 

सौरभ के पास से पुलिस ने पैनकार्ड, दो एटीएम कार्ड, बिना नंबर की पल्‍सर बाइक, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। एटीएस के अनुसार सौरभ शुक्ला उर्फ शिब्बू बैंक से पैसा निकालकर नेटवर्क के सदस्यों को पहुंचाने के काम में भी जुड़ा था। इन पैसों से ही डेटोनेटर और जिलेटिन रॉड आदि की भी खरीदारी की जाती थी। बीते रविवार को एटीएस ने जब झांसी के उल्दन में चार लोगों को गिरफ्तार किया था, तो उनकी जांच के दौरान पता चला है कि वह भी नेटवर्क का ही हिस्सा रहे हैं। हालांकि अभी एटीएस की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह विस्फोटक कहां से लाए थे। फिलहाल एटीएस सौरभ को अपने साथ ले गयी है और पूछताछ जारी है।