सूनी हो गई सुषमा स्वराज के भाई की कलाई

नई दिल्ली: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर देश भर में शोक की लहर है। लोग अपने- अपने ढंग से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे है। कोई उन्हें अपनी बहन तो कोई उन्हें अपना राजनीतिक गुरु बता रहा है। देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में सुषमा स्वराज को अंतिम विदाई देने पहुंचे तो उनके पार्थिव शरीर के सामने फफक-फफक कर रो पड़े नायडू पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को छोटी बहन मानते थे जो हर रक्षा बंधन उन्हें राखी बांधा करती थीं। पुराने दिनों को याद करते हुए नायडू ने सुषमा स्वराज के निधन को अपने लिए निजी क्षति बताया है। नायडू ने सुषमा कहा कि वह मुझे अन्ना यानी बड़ा भाई कहकर संबोधित करती थीं। सुषमा हर साल रक्षा बंधन पर मुझे राखी बंधाती थीं लेकिन इस साल मुझे यह सौभाग्य प्राप्त नहीं होगा।

नायडू ने उन्हें याद करते हुए कहा कि जब मैंने एक बार उनके घर जाकर राखी बंधवानी चाही तो सुषमा ने फोन कर मुझे आने से मना करते हुए कहा कि आप मेरे घर मत आइये क्योंकि आप देश के उपराष्ट्रपति हैं, मैं ही आपके घर आकर राखी बांध दूंगी। उधर वरिष्ठ वकील हरिश साल्वे ने सुषमा स्वराज के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे लिए सुषमा जी एक बड़ी बहन थीं। उनके निधन की खबर सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। रात के पौने नौ बजे मेरी उनसे बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि आपको आना पड़ेगा और जाधव केस के लिए अपनी एक रुपये की फीस लेनी होगी। इसके 10 मिनट बाद ही उन्हेंक दिल का दौरा पड़ गया।” बताते चले कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा तीन बार राज्यसभा की सदस्य रहीं और चार बार लोकसभा की सदस्य रहीं।

इसके अलावा वह वाजपेयी सरकार से लेकर मोदी सरकार तक विभिन्न मंत्रालयों को संभालती रहीं। उन्होंने इस साल स्वास्थ्य कारणों से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। दिल्ली के एम्स में दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार रात 67 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।