खतरनाक तूफान ने चीन की कर दी हालत खराब

लखनऊ: चीन में आया चक्रवाती तूफान लेकिमा लोगों के लिए काल साबित हुआ। लेकिमा ने अब तक 44 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। चीन के आपातकाल मंत्रालय के मुताबिक शंघाई के अलावा फुजियान, झेजियांग और शेंडोंग में भी इस तुफान का असर देखने का मिला रहा है। वहीं मंत्रालय ने 30 करोड़ तक की आपात राशि देने की घोषणा की। चीन जैसे ऐसे कई देश हैं जो भयानक तूफानों की चपेट में आ चुके हैं। जापान में 1961 में आया नैंसी तूफान ने हर तरफ त्राहिमाम मचा दिया था। ये तूफान सीधा जापान के तट से टकराया और करीब दस दिनों तक तबाही मचाता रहा। करीब 345 किमी. प्रति घंटा के रफ्तार आये तूफान में 191 की मौत हो गई और कई हजार लोग घायल हो गए थे।

वहीं 1970 में बांग्लादेश में जो तूफान आया उसने पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा रहे तटीय इलाकों में खूब ताबाही मचाई। तूफान करीब 185 किमी. प्रति घंटा के रफ्तार से आया था और करीब पांच लाख से ज्यादा जिन्दगियों को मौत के घाट उतार दिया था। तूफान ने दस से ज्यादा जिले को प्रभावित किया था। 1964 में पोनापे के पास आया तूफान टाइफून सैली की रफ्तार करीब 314 किमी. दर्ज की गई थी। तूफान ने करीब 7 दिन बाद 185 किमी. प्रति घंटा के रफ्तार से चीन पहुंचा था। उस समय ये तूफान अन्य तूफान के मामले में काफी प्रचंड था। 1958 में आइडा नाम का भयंकर तूफान जापाम के तट से टकराया था। इसकी रफ्तार करीब 185 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी। इस तूफान ने जापान में करीब 1,269 लोगों की जान ले ली थी।

2013 में ऐये हैयाम तूफान ने फिलीरिंस, वियतनाम और चीन के कीफी हिस्सों को प्रभावित किया था। दुनिया के सबसे खतरनाक तूफानों में चौथे नंबर पर दर्ज है। इससे करीब 11,801 लोंगो की मौत हो गई थी। ये तूफान करीब नौ दिनों तक तबाही मचाता रहा। जापान में ही 1979 में टाइफून टिप नाम का एक तूफान आया था। इसकी रफ्तार 305 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज हुई थी। इसमें करीब 100 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान कृषि और मछली व्यापारियों को हुआ था। 1992 में आये ऐंड्र नामक तूफान 280 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से फ्लोरिडा, दक्षिण पश्चिम लुसियाना और उत्तर पश्चिम बहमास से टकराया था। इस तूफान में करीब 65 लोगों की मौत हो गई थी।

अमेरिका में 2005 में लुसियाना और मिसिसिपी में आये कटरीना तूफान से काफी नुकसान हुआ था। 280 किलोमीटर की रफ्तार से आया ये तूफान करीब 8 दिनों तक तबाही मचाता रहा। इससे करीब 1 हजार 833 लोगों की मौत हो गई थी।