डिफेंस कॉरिडोर में विदेशियों ने रुचि दिखाई, इन रक्षा कंपनियों को यूपी से उम्मीदें

लखनऊ:यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में आने के लिए दुनिया की कई रक्षा कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें अमेरिका की जनरल डायनमिक, सॉब तो हैं ही फ्रांस की थेलिस भी यहां आने को तैयार दिखती हैं। थेलिस का राफेल विमान निर्माण में दासों के साथ सहयोग समझौता है। यह कंपनियां चाहती हैं कि प्रदेश सरकार पहले जरूरी सहूलियतें मुहैया कराए। अगर बात बन गई तो उत्तर प्रदेश में रक्षा उपकरण, हथियार तो बनेंगे ही रक्षा क्षेत्र में शोध व विकास भी होगा। इससे लाखों लोगों को रोजगार की राह खुलेगी। 

हाल ही में यूपी के औद्योगिक विकास विभाग के मंत्री सतीश महाना के नेतृत्व में अधिकारियों के  एक दल ने लंदन में हुई 'डिफेंस सिक्योरिटी एंड इक्यूपमेंट- 2019' में शिरकत की। दर्जन भर से ज्यादा विदेशी कंपनियों से मुलाकात कर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बन रहे डिफेंस कारीडोर व अगले साल फरवरी में होने वाले डिफेंस एक्सपो के बारे में बताया। सूत्रों के मुताबिक थेलिस , जनरल डायनेमिक व सॉब ने उत्तर प्रदेश में न केवल खासी रुचि दिखाई बल्कि वह यहां लोकेशन देखने को तैयार हो गए हैं। 

यह कंपनियां जब डिफेंस एक्सपो में शिरकत करने आएंगी तो यूपी सरकार उन्हें डिफेंस कारीडोर के अलीगढ़ , कानपुर व झांसी जैसे मुख्य केंद्र ले जाएगी। इन कंपनियों के प्रतिनिधि जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ आएंगे। प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यूपी की डिफेंस कारीडोर व एयरोस्पेस नीति में तमिलनाडु की तर्ज पर बदलाव किए जा रहे हैं। 

इन्होंने दिखाई रुचि:एयरबस (ट्रांस यूरोपियन), बीएई सिस्टम (यूके), थालेस (फ्रांस), क्यूनिटक व कोबहम (यूके), रोल्स -राइस , एम्बरार, साब (स्वीडन), जनरल डायनेमिक कारपोरेशन (अमेरिका)

रक्षा कंपनियों को यूपी से उम्मीदें:—
1.डिफेंस कारीडोर में जरूरत के मुताबिक लैब टेस्टिंग की सुविधा हो
2.कच्चा माल उपलब्ध कराने की मुकम्मल व्यवस्था हो 
3.कुशल श्रमिक तैयार करने के लिए डिफेंस निर्माण संबंधी ट्रेनिंग संस्थान खुलें।