कमलेश तिवारी हत्‍याकांड: पत्‍नी ने कहा- सीएम योगी आएं तो ही होगा अंतिम संस्‍कार, मांग नहीं मानी गई तो...

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गयी। खुर्शीद बाग स्थित हिंदू समाज पार्टी कार्यालय में शुक्रवार को दो युवक कमलेश से मिलने पहुंचे। वे मिठाई के डिब्बे में चाकू और तमंचा लेकर आए थे। बदमाशों ने उनके गले को पहले चाकू से रेता, फिर गोली मारकर फरार हो गए। देर रात पोस्‍टमार्टम के बाद पुलिस कमलेश तिवारी का शव लेकर उनके पैतृक जिले सीतापुर के महमूदाबाद पहुंची। हत्‍या के बाद से बवाल बढ़ता जा रहा है। कमलेश तिवारी के परिजनों ने परिवार के दो सदस्यों के लिए नौकरी की मांग की है। साथ यह भी कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यहां नहीं आएंगे वे दाह संस्कार नहीं करेंगे। मृतक कमलेश तिवारी की पत्नी ने कहा है कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो मैं आत्मदाह कर लूंगी।

चुनावी दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर सख्त तेवर दिखाया है। उन्होंने इस मामले में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी ओपी सिंह से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया, "ऐसा लग रहा है कि आपसी रंजिश के तहत घटना को अंजाम दिया गया है। मामले की छानबीन में 10 टीमें लगाई गई हैं। मौके पर एक पिस्तौल बरामद हुई है, उसकी जांच की जा रही है। इलाके के आसपास लगे सभी सीसी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।"

कमलेश तिवारी का असली नाम लक्ष्मी कान्त है. वे सीतापुर के रहने वाले थे। 1997 में उन्होंने सीतापुर में मुस्लिम भारत छोड़ो आंदोलन चलाया था। जिसको लेकर उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटने के बाद वो हिंदू महासभा में शामिल हो गए थे। उसके बाद वो हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष भी बने। उनकी पत्नी किरण भी हिन्दू महासभा के लिए काम करती हैं। फिलहाल वो लखनऊ में रह रहे थे। 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले कमलेश तिवारी ने हिंदू समाज पार्टी का गठन किया था। जिसका समर्थन प्रवीण तोगड़िया ने भी किया था। कमलेश अयोध्या में राम मंदिर के लिए आंदोलन भी चला रहे थे।